
उर्वरक की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, जशपुर में नियंत्रण कक्ष का गठन
किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने प्रशासन सख्त, अवैध बिक्री और अधिक कीमत पर बिक्री पर होगी कार्रवाई
जशपुरनगर, 03 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी, गैर कृषि उपयोग और अधिक कीमत पर बिक्री जैसे अवैध कार्यों पर रोक लगाने के लिए उर्वरक आदेश 1985 के तहत कार्रवाई किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
कृषि विभाग ने जारी किए निर्देश, अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी के आदेश
संचालक कृषि, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध भंडारण में संलिप्त व्यक्ति या फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिक लक्ष्य बताया गया है।
जिले में उर्वरक नियंत्रण कक्ष का गठन, शिकायतों का होगा त्वरित समाधान
निर्देशों के पालन में कृषि विभाग के उप संचालक द्वारा जिले में उर्वरक नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष का उद्देश्य उर्वरक वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना और प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण करना है।
नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
नियंत्रण कक्ष में सहायक संचालक कृषि श्रीमती पंझाबाई पैंकरा को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 9669845600 है। उन्हें शिकायतों के त्वरित समाधान और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा सहायक सांख्यिकी अधिकारी सुश्री लीला प्रधान (मोबाइल 9009513846) को उप प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो प्रभारी के सहयोग से शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करेंगी।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (मोबाइल 9406660385) को सहायक के रूप में शिकायतों का पंजीकरण और प्रभारी को जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर हरिशंकर बरेठ (मोबाइल 7974284032) को रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन का सख्त संदेश, किसानों को मिलेगा समय पर उर्वरक और न्याय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत पर बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना और शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना ही प्राथमिकता है।
